STORYMIRROR

Vinod Kumar Mishra

Inspirational

3  

Vinod Kumar Mishra

Inspirational

मेहनतकश इंसान सुनो

मेहनतकश इंसान सुनो

1 min
367

हाथों में लकीरें होती हैं

कुछ गाती हैं कुछ रोती हैं

कुछ तो इस पर इतराते हैं

कुछ कुढ़ते ही रह जाते हैं।


पर, मेहनतकश इंसान सुनो

इनकी परवाह न करते हैं

जिसकी बदौलत हाथ फफोले

उनका जीवन धन्य बनाते हैं।


दिन-रात की जिसको खबर नहीं

मिट्टी को सोना बनाते हैं

जिससे बंजर धरती को सजा

फसलें वह विविध उगाते हैं।


किस्मत वाले उस सोने का भी

हल्का भाव लगा ले जाते हैं

पर, मेहनतकश इंसान सुनो

इसकी परवाह न करते हैं।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational