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Dheeraj kumar shukla darsh

Inspirational

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Dheeraj kumar shukla darsh

Inspirational

पग बढ़ाते चलो

पग बढ़ाते चलो

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चलो मंजिल की ओर

पग बढ़ाते चलो

करो नये रास्तों की खोज

पग बढ़ाते चलो


मंजिल के मुश्किल मोड़ पर

अविरल पग बढ़ाते चलो

मिलेगी मंजिल निश्चित

पग बढ़ाते चलो


खोजोगे जब रास्ते नये

आयेंगी कई मुश्किलें

हर मुश्किल होगी आसान

मिलेगी राहें भी नयी

बस तुम निरंतर


पग बढ़ाते चलो

जिन्हें भी मिली है 

नयी राहें आज तक

और खोजी है नयी मंजिलें

कारण इतना ही है

निरंतर पग बढ़ाते चलो।


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