Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here
Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here

Bhawna Kukreti

Abstract


4.5  

Bhawna Kukreti

Abstract


मधुर स्मृतियां

मधुर स्मृतियां

1 min 421 1 min 421

एकांत में 

मन ही मन 

अपनी मधुर स्मृति 

से बनी दुनिया को

टटोलते हुए

जब मिल जाते हैं चंद 

मद्धिम आवाज में

कभी कहे, 

लिखे गए वाक्य...!


उनमें गूंथे

शीतल कोमल 

भावनाओं से सिक्त

शब्दों की

मधुर गुनगुनाहट 

तिलस्मी तरीके से 

सुकून को 

पल भर को सही

पर ढूंढ ही 

लाती है ...।


और यूं 

अक्सर जिंदगी की 

चुभती तपिश 

और समय की 

उमस में

थकी हारी

अपने आपको

शब्दों की बांहों में

समेट 

एक कोने में 

सो जाती हूँ अक्सर

सीने के करीब 

उन ठंडे फाहे से

शब्दों को

महसूस करते हुए।


ठंडक से 

फफोले 

नहीं उभरते...


Rate this content
Log in

More hindi poem from Bhawna Kukreti

Similar hindi poem from Abstract