Nand Kumar
Children
श्रम में तन्मय मैं मधुमक्खी,
फूल फूल पर जाती हूं।
फूलों का रस लेकर उससे,
मधुमय शहद बनाती हूं।
स्वयं न खाती तुम्हें खिलाती,
पर क्या तुमसे पाती हूं।
उजड़ा घर शिशु मरे हुए ,
बस यही देख पछताती हूं ।
मां
महाकुंभ
दो युवा नयन ज...
बुजुर्गों का ...
नदियां
लोकतंत्र का म...
सृजन
मां जन जन का ...
हमारा मित्र
संगठन में शक्...
रंग बरसे भीगे दुनिया सारी, होली मनती रहे सदा हमारी। रंग बरसे भीगे दुनिया सारी, होली मनती रहे सदा हमारी।
न किसी चीज का लोभ न किसी दुख कि चिंता न किसी चीज का लोभ न किसी दुख कि चिंता
देखो,,,, देखो,,, रंगीबिरंगी,,,का,,, सण आया,,, देखो,,,, देखो,,, रंगीबिरंगी,,,का,,, सण आया,,,
घर-ऑंगन में जो फुदका करती थी,दाना चुंगकर ठंडा पानी पीती थी । कहाँ गई वो प्यारी नन्हीं घर-ऑंगन में जो फुदका करती थी,दाना चुंगकर ठंडा पानी पीती थी । कहाँ गई वो प्या...
भूखे को रोटी और प्यासे को पानी दे। इंसान क्या बेज़ुबान को भी, ज़िंदगानी दे। भूखे को रोटी और प्यासे को पानी दे। इंसान क्या बेज़ुबान को भी, ज़िंदगानी दे।
माँ का सम्मान पिता का अभिमान दो कुलों की शान होती है बेटियां। माँ का सम्मान पिता का अभिमान दो कुलों की शान होती है बेटियां।
दुवाओं का समुंदर है आशीर्वाद का घर है उम्मीदो का आसमान है। दुवाओं का समुंदर है आशीर्वाद का घर है उम्मीदो का आसमान है।
सात सुरों की सरगम जैसे यह भारत का निर्माण हो जैसे ! सात सुरों की सरगम जैसे यह भारत का निर्माण हो जैसे !
अपनी क्षमता को भरपूर जीने के अपनी सोच को निर्भयता से रखने के अपनी क्षमता को भरपूर जीने के अपनी सोच को निर्भयता से रखने के
वो तकलीफों में फिसलने नहीं देते किसी का पांव वो ही है मेरा गांव वो तकलीफों में फिसलने नहीं देते किसी का पांव वो ही है मेरा गांव
कितना अपनापन होता है उन लोगों में जो हर दिन मैसेज भेजकर याद करते है दूर रहकर भी रिश्तों की अहमियत... कितना अपनापन होता है उन लोगों में जो हर दिन मैसेज भेजकर याद करते है दूर रहकर ...
आज मेरी मां की आंखो मे आंसू है मैं खामोश हूं और लाचारी मेरा हथियार है! आज मेरी मां की आंखो मे आंसू है मैं खामोश हूं और लाचारी मेरा हथियार है!
जहां दिल वहा हम रख हाथ दिल पे बन्द आँखों में जहां दिल वहा हम रख हाथ दिल पे बन्द आँखों में
खुश रहने के लिए सबसे पहले कान बंद करना पड़ेगा, खुश रहने के लिए सबसे पहले कान बंद करना पड़ेगा,
रात में क्यों पीकर आते हो पापा रात में क्यों पीकर आते हो पापा
ताजी -ताजी गरम जलेबी माँ को तो बहुत सुहाती। ताजी -ताजी गरम जलेबी माँ को तो बहुत सुहाती।
सुन लो उसकी भी पुकार दे दो उसको थोड़ा सा प्यार सुन लो उसकी भी पुकार दे दो उसको थोड़ा सा प्यार
जिसे देखना नहीं चाहिए नग्न आंखों से बच्चों का भीख मांगना एक छोटा मजदूर जिसे देखना नहीं चाहिए नग्न आंखों से बच्चों का भीख मांगना एक छोटा मजदूर
बाकि बंदर कहते रहते अपना है नेता महान। बाकि बंदर कहते रहते अपना है नेता महान।
कितना भी हो जाऊँ बड़ा, "माँ", मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ। कितना भी हो जाऊँ बड़ा, "माँ", मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ।