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Surendra kumar singh

Romance

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Surendra kumar singh

Romance

मौसम आने वाला है

मौसम आने वाला है

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रिमझिम रिमझिम बूंदों वाला

मौसम आने वाला है।

पिया मिलेंगे,नैन हंसेंगे

उम्मीदों को पंख लगेंगे

खुशियों की बारात सजेगी

स्वप्न जगेंगें

वीराने में फूल खिलेंगें

मन मे गहमा-गहमी होगी

हर आहट खुशफहमी होगी

अश्रु ढलककर आंखों में से

बिन दस्तक के जाने वाला है।


झिलमिल झिलमिल तारों वाली

रातें आने वाली हैं।

चाँद हंसेगा,किरण सजेगी

पुरवईया मादकता लेकर

गली गली में शोर करेगी

आहट आहट सरगम होगी

कली कली में गन्ध भरेगी

तन का मन से

मन का तन से

आपस में आलिंगन होगा,

अश्रु लुढकर आंखों में से

बिन दस्तक के जाने वाला है।


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