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Rushabh Bhatnagar

Abstract

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Rushabh Bhatnagar

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मैं कृष्ण जैसा नटखट हूं

मैं कृष्ण जैसा नटखट हूं

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मैं कृष्ण जैसा नटखट लगता हूं

मैं माखन चोर हूं,

मैं मथुरा का राजा,

राधा मेरी प्रेमिका,


पर मुझ पर तो कोई गोपी फिदा नहीं है

अब तक मुझे कोई गोपी नहीं मिली,

ना मैं कोई कृष्ण हूं

ना मैं कोई यशोमती का लाला हूं,


मैं तो बस एक खूबसूरत लड़का हूं

पर अब तक कोई गोपी नहीं मिली,

आज भी अपनी गोपी का इंतजार है

उम्मीद करता हूं बड़ी जल्दी

अपनी गोपी भी मिल जाएगी,


जब गोपी मिल जाएगी

तो वह भी एक राधा के रूप में होगी,

इसके लिए मैं कृष्ण

तब कह लाऊंगा आज नहीं,


इसलिए मैं जैसा हूं

वैसा ही अच्छा लगता हूं

मैं कोई कन्हैयालाल नहीं हूं।


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