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Rushabh Bhatnagar

Abstract

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Rushabh Bhatnagar

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आजकल जिंदगी इतनी आसान हो गई है

आजकल जिंदगी इतनी आसान हो गई है

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आजकल जिंदगी बहुत आसान सी लग रही है,

घर बैठे आज के जमाने में सब कुछ सीखने को मिल जाता है,

अपनी पहचान बनाने के लिए इंटरनेट का सहारा भी बहुत आसान सा लगता है आजकल,

आजकल घर बैठे भी खरीदारी हो जाती है,

इस मोबाइल के चलते कुछ लोग आलसी भी हो गए हैं,

घर बैठे अपनी मन पसंदीदा चीज मिल जाती है,

कुछ मामले में जिंदगी आसान तो,

कुछ मामले में जिंदगी मुश्किल सी लगती है,

कुछ सोशल मीडिया के थ्रू अपने दिलों की बात पहुंच जाती है,

कुछ लोगों को तो प्यार मिल जाता है इंटरनेट के थ्रू अपना,

कुछ लोग तो इस पर मजाक बनाकर रखे हैं,

कुछ भी कहा जाए फिर ,

इसके चलते लोगों की जिंदगी में बहुत आसान है,

पर कुछ मामले में ,

लोगों ने इसे अफवाह फैलाने क्यों भी जरिया बना लिया है,

तो कुछ लोगों ने चोरी का धंधा भी बना कर रखा है इसे,

ना जाने लोग कभी किसी चीज को सही तरीके से इस्तेमाल करेंगे,

जब लोग बदलेंगे,

तभी देश की सोच बदलेगी,

हम सब एक हैं ,

हमारा भारत और संस्कृति सब एक हैं,

हम सब इंसान हैं जानवर नहीं।



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