मैं कैसे अपने छाले दिखाऊं
मैं कैसे अपने छाले दिखाऊं
मैं कैसे किसी को अपने आंसू दिखाऊं,
कैसे अपने ये ये पांव के छाले दिखाऊं!
मां तो रो तो लेती है,मैं रो भी नहीं पाता,
इतनी सी बात है,पिता हूं मैं,मां नहीं हूं!
तुम सो जाओगे तब ही नींद मेरी खुलेगी,
पेट तेरा भरेगा बेटा, तो भूख मेरी मिटेगी!
तू छू ले आसमां तो मंजिल मुझे मिलेगी,
इतनी सी ही बात है,पिता हूं मैं,मां नहीं हूं!
थपकी दे लोरी गाकर सुलाना आता नहीं,
स्वादिष्ट खाना बनाना भी मुझे आता नहीं!
तेरी खुशी व भलाई से परे कोई गरज नहीं,
इतनी सी ही बात है, पिता हूं मैं, मां नहीं हूं।
