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Kajal Pandit

Romance

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Kajal Pandit

Romance

मैं हूं न

मैं हूं न

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पता है तुम्हें,

कभी-कभी सोचती हूं,

काश ! ऐसा होता

ये जो कंधे पे इतनी जिम्मेदारियां हैं न,

जब अकेली पड़ जाती मैं कभी,

और पीछे से आकर,

धीरे से मेरे कंधे पे हल्की सी थपकी देकर,

तुम कहते,

मैं हूं न ....!!!



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