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Rajit ram Ranjan

Romance

3  

Rajit ram Ranjan

Romance

मैं बर्बाद होने के लिये तैयार

मैं बर्बाद होने के लिये तैयार

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352


बस हाँँ कह दो तुम

मैं बर्बाद होने के लिये तैयार हूँँ

जो तुम रोज-रोज मेरा 

वेट करती हो, 

जानेमन, मेरे मेहबूब

मेरे रहनुमाँ मैं वही इंतज़ार हूँँ। 


बस हाँ कह दो तुम.... 

मैं बर्बाद होने के लिये तैयार हूँ !


आपका चाँद सा 

अल्फ़ाज़

सुनने के लिये बेकरार हूँ 

जख़्मी दिलों का 

मरहम, औऱ 

दर्द-ए-दिलों का करार हूँ। 


अपनी मोहब्बत की 

कब्र हैं जहाँँ, 

मैं वहाँ की मज़ार हूँ 

बस हाँ कह दो तुम 

मैं बर्बाद होने के लिये तैयार हूँ !


ऐ मेरे दोस्त 

बिकती हैं खुशियाँ जहाँँ 

मैं वो बाजार हूँ 

तन-मन को जो ठंढक 

पहुँचाये, 

मैं वो बसंती बयार हूँ।


ना कोई पराया

ना समझ ग़ैर मुझे, 

मैं तो तेरा अपना ही यार हूँ 

बस हाँ कह दो तुम

मैं बर्बाद होने के लिये तैयार हूँ !


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