STORYMIRROR

Pooja Srivastav

Abstract Inspirational

4  

Pooja Srivastav

Abstract Inspirational

मातृत्व का एहसास

मातृत्व का एहसास

1 min
439


मातृत्व का एहसास वह एहसास है,

जो सिर्फ माँ बनने से नहीं आता 

मातृत्व का एहसास ....

बीज से अंकुर निकलने पे होता है

अंकुर से पौध बनाने पे...

पौध से कोपल आने पे 

कोपल से पुष्प बनने पे...

पौध को वृक्ष बनने में ...

प्रकृति के हर बदलाव में,

मातृत्व का एहसास होता है ....

किसी बच्चे या जीव की मुस्कान में

किसी की उदासी भरे चेहरे पे मुस्कान लाने से

मातृत्व का एहसास होता है.

बच्चों की तोतली भाषा से ...

उनकी शरारतों से, उनकी मुस्कराहट से...

किसी के जज्बातों से .....

 किसी की प्यारी बातों से मातृत्व का एहसास होता है...

माँ, माँ होती है उसका एहसास सबसे ख़ास होता है .....

 मातृत्व का एहसास सिर्फ मां से ही नहीं,

 बल्कि हर उस शख़्स से होता है

 जो आपकी परवाह करता है...

 आपका ख्याल रखता है...

 आपकी भावनाओं को समझता है

 आपकी ख़ुशी में खुश और 

आपके दुःख में दुखी होता है...

मातृत्व का एहसास इक अद्भुत खुशी और सुकून देता है।

मातृदिवस की शुभकामनाएं


 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract