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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

माता -पिता

माता -पिता

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माता पिता ही हैं हमारे पालनहार, इनसे ही बनता जीवन का आधार, 

भगवान बराबर होता दर्जा इनका, सर पर जो हाथ रहे होता है उद्धार, 


जीवन में हमारे भगवान बनकर आते जितने भी हो दुख सब हर लेते, 

हमको संस्कारों का पाठ पढ़ाते और जीवन को खुशियों से भर देते II


कल्पवृक्ष के समान हमारी हर इच्छाओं को पूरी करते, 

दीपक की भांति खुद जलकर रोशन जीवन हमारा करते, 


जीवन में आने वाले हर मुश्किलों से हमें लड़ना सिखाते , 

भटक जाते यदि हम कभी, हमें सही वो मार्ग दिखाते हैं, 


पिता बरगद की जड़ की भांति हर तूफानों से बचाते हैं, 

माँ उस बरगद की छाया जो शीतल सी ठंडक पहुँचती है, 


जीवन में इनकी जरूरत हमें हर कदम पर हमेशा रहती है, 

बिना एक के भी जीवन की गाड़ी मुश्किल से चलती है, 


बड़े नसीब वाले होते जिनको दोनों का प्यार मिलता है, 

इनके प्यार से जीवन में हर मुश्किल का हल निकलता है, 


मन में आज विषाद बहुत है माँ की आती याद बहुत है, 

पिता का साया है सर पर, पर माँ मुझसे दूर बहुत है II


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