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Monika Jayesh Shah

Romance Inspirational

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Monika Jayesh Shah

Romance Inspirational

मासूम चेहरा

मासूम चेहरा

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 छोटा सा तो हूँ..

मासूम हूँ..प्यारा हूँ !

अपनी गरीबी का मारा हूँ !


आँखो मे आँसू है..मेरे तो क्या;

किसी की आँखो का तारा हूँ !

अभी मेरे दोनों हाथ छोटे हैं !..

फिर भी कमाने की ताकत रखता हूँ !


मेरी गरीब माँ..काम करके मुझे पढ़ाती 

पर में सोचता हूं..हर‌ दिन

मेरा बाप भी तो बड़ा आदमी था;

क्यों मेरी माँ को छोड़ गया होगा;

इज्जत तो उसमे भी थी फिर वो क्यों ?

 मेरी माँ को बेइज्जत कर गया !


क्या गुनाह था उसका ..जो अकेला 

अपनी ज़िंदगी जीने को छोड़ गया !

रिश्ता निभाना नहीं तो बनाना भी नहीं चाहिए !

एक विश्वास होता है..किसी का किसी पर;

क्यों तोड़ जाते है..तन्हा राहो में;

मेरी माँ की गलती क्या थी;

उसने मुझे जनम दिया ;

मुझे पाला-पोसा इस लायक बनाया;

कि सिफऀ में अच्छा आदमी बन जाऊ !


आज माँ का अच्छा बच्चा 

बनने की कोशिश कर रहा हूँ;

कल बन कर भी दिखाऊगा !

पर‌‌ आॅखो में आँसू इस बात का हैं;

क्यो इंसान इतना नीचे गिर जाता हैं;

कि भुगतना किसी ओर के दिल को होता हैं !


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