STORYMIRROR

अजय पटनायक

Classics

3  

अजय पटनायक

Classics

मानसून

मानसून

1 min
188

मानसून है देखो आया,तुम झूला सभी लगाना।

रिमझिम -रिमझिम बरसे पानी,माटी के भाग जगाना।


बीज पड़े खेतों में अब तो,देख कृषक जोत लगाए ।

झर झर झर झर बहता पानी ,देख गीत मधुर सुनाए।


भीगो नाचो धूम मचाओ, है गरमी दूर भगाना।

मानसून है देखो आया, तुम झूला सभी लगाना।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics