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Ekta Kochar Relan

Classics

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Ekta Kochar Relan

Classics

मां

मां

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मां तुझे शब्दों में कैसे पिरोऊ मैं

देख तुझे गद्-गद् हो जाऊ मैं

तू है कैसी अनमोल

तुझ से ही मेंरे जीवन का मोल।


हर फूल की खुशबू तुझमें

पास जो मां रहे तू.. तो हर

मिठास मुझमें 

माँ कैसी है तू

समझ न तुझे पाऊँ मैं। 


दुख में मेरे

पास आ जाएऔर 

अपनी बाधाओं को जाने कैसे

छिपा जाए

मुस्कारा जो दे तू 

तो दुनिया में बहार है।


स्नेह की धारा है तू 

तू मेरा पूरा जहाँ है 

जीवन में उजाला तुझसे है मां

तू ही मेरी धरती तू ही आसमां है।


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