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Ekta Kochar Relan

Abstract

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Ekta Kochar Relan

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आ रहा है नया साल

आ रहा है नया साल

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आ रहा है नया साल

बच्चों तुम करो न कुछ कमाल

नहीं-नहीं तुम समझे गल्त 

नहीं चाहिए तुमसे कौई नई इन्वेंशन


जानती हूँ तुम हो फ्यूचर जेनेरेशन

प्यारे बच्चों मैं तो बस यही चाहूं

करो तुम ऐसा धमाल

एलेक्सा जैसे प्रोडक्ट का

आये न हर दम ख़्याल


बच्चों तुम्हें इक बात सुनाती हूं

बीते वक्त की बात बताती हूं

गुजरा वक़्त हमारा था

हर पल बेहद प्यारा था


एलेक्सा की जगह लेते थे 

हमारे बहन- भाई

न कोई करता था काम

तो उसकी शामत आई

मिट्टी की महक में जीते थे


खुली हवा की खुशबू लेते थे

परफ्यूम का ज्ञान न था

किसी चीज़ का अभिमान न था

बड़े-बड़े परिवार थे


एक-एक करके आती थी बारी

सौ बातों की एक बात

दूर-दूर तक थी अपनी यारी

किताबी क्रीड़ा बने न थे

कैल्कूलेशन हाथों पर ही

कर लिया करते थे


तुम भी मेरे बच्चों

नया साल आया है

ठंडी हवा के झोकों में

खूब करो शैतानी


खेलों इस कदर खेलों

कि सर्द हवाओं में भी

 पसीने से नहाओं

दिन-रात तुम सिर- दर्द या 


डिप्रेशन में ना बिताओ

दोस्त जितने भी बनाओ

पर कुछ पल बड़ों संग भी 

बिताओ नया साल आया है


जो तुम सब फूल महकोगे

खट्टे-मीठे पलों में जब तुम

चहकोगे तो नये साल की


ये अनूठी सौगात होगी

मेरे भारत के नौनिहालों की

कुछ नयी बात होगी।


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