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Sachin Chaturvedi

Abstract

4.9  

Sachin Chaturvedi

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माँ तू मेरी हैं

माँ तू मेरी हैं

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माँ तू ही है मेरी छाया ।।

मेरे अरमानों की काया ।।

यह जान भी तेरी,

मेरे सपनों की डोली भी तेरी।।

मैं कुछ नहीं तुझ बिन,

मैं सास हूँ तो तू डोर मेरी।।

मेरी उदासी तू समझ लेती हैं,

क्यों हूँ मैं खामोश तू जान लेती हैं ।

छुपा कुछ नहीं तुझसे मेरा,

दर्दों को मेरे जान कर

मुझे गले से तू लगा लेती हैं।।

मैं बेटी हूँ तेरी

तू माँ मेरा अभिमान हैं,

तेरे चरणों में दुनिया का हर भगवान हैं ।।

जब-जब मैं रुठी तब-तब मनाया मुझे

मेरी हर एक आरजू को तूने किया पूरा हैं ।।

माँ तू ही है मेरी छाया ।। मेरे अरमानों की काया ।।


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