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प्रवीन शर्मा

Tragedy

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प्रवीन शर्मा

Tragedy

माँ रो देती है

माँ रो देती है

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मेरी मां दुनिया की सबसे अच्छी माँ है

मैं ये जब कहता था तो माँ रो देती थी

मैं अपनी नींद तक ढूंढ नही पाता खुद से

उंगलियों से मेरे बालों में माँ उसको ढूंढ देती थी

दूर जाता था तो माँ के आंसू देखे थे मैंने

घर मे आता था तो हँस के माँ रो देती थी

कभी चोट लगती थी मुझको बताता नही था मैं

देखकर मुझको न जाने क्यों माँ रो देती थी

जान नही पाया इतने आंसू कहाँ से लाती थी वो

मैं पूछता था माँ से तो माँ रो देती थी

आज जब बाप बना रो दिया मैं देखकर नन्ही जान को

अब मैं जानता हूं क्यों माँ रो देती थी.



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