STORYMIRROR

Anita Sharma

Classics Inspirational Children

4  

Anita Sharma

Classics Inspirational Children

माँ मेरी ताकत

माँ मेरी ताकत

2 mins
382

माँ एक अद्भुत ताकत

जिसमें असीमित सहनशक्ति


जिसे महसूस किया मैंने

जबसे जुडी में आपकी गर्भनाल से

जहाँ पुष्ट हुई मेरी ये निर्जीव देह


शुक्रगुज़ार हूँ उस हरेक माँ की

जिसके आगे नतमस्तक हर मुश्किल है


वो प्यार हिम्मत और देखभाल

दुर्लभ ही है किसी और से पाना


गर्व है हर उस माँ पर

जिसने सीखा नहीं कभी हारना


कौन भूल सकता है एक माँ का प्यार


मां आपको तहे दिल से धन्यवाद

मेरे सच्ची पथप्रदर्शक होने के लिए


मुझे गर्व है आप पर क्योंकि,

था जब समय कठिन तो भी 

आपने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी 


आपने हर बाधा को पार किया

मेरे भविष्य को सुरक्षित किया


मुझे सही गलत का अर्थ दिया

किये बलिदान और अपना हर दर्द सिया


आपने हमेशा मुझे दिखाया है

कि आप मेरे जीवन में प्रत्यक्ष

एक प्रकाश पुंज हैं जिसके

सुरक्षाकवच में मैं रक्षित हूँ


क्या शब्दों में बयाँ मैं कर सकूँ

वो धैर्य और क्षमाशीलता आपकी


वो निस्वार्थ भाव से त्याग और समर्पण

था सर्वस्व आपका हमारे लिए ही अर्पण


मैं आज यहां कभी नहीं होती

आपके परम बलिदान के बिना


मैं भी कैसे नए सपने संजोती

आपकी ममतामयी छाया के बिना


मुझे जिस सहारे की जरूरत थी

उसके बिना,मैं कभी सफल नहीं होती


कब आपके विश्वास के बिना

मैं भी इन ऊंचाईयों को छूती


तो धन्य है माँ आप कि आपने

मुझे काबिल और लायक बनाया


हर संताप और मुश्किलों में भी

जीवन जीने का सबक पढ़ाया


खुशनसीब समझूँगी मैं भी खुद को

कि लौटा सकूँ एक पल भी सुकून


वो सुरक्षा और विश्वास की राहत

जो हर क्षण आपसे पायी मैंने


धन्य मानूँगी गर बन पाऊँ माँ

आपके लड़खड़ाते क़दमों की ताकत।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics