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Dr Mahima Singh

Romance

4  

Dr Mahima Singh

Romance

Love

Love

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है छलकते मेरे अनुरागी 

से मन के भाव।

लिखने को तेरे मेरे मिलन 

की अनुपम कहानी।


जो मिल गया 

वो लाजबाव था।

जो मिल गया वो बेहिसाब है।

वो रौनकें इश्क था।

जो मिल गया वो खुशगवार हैं।


मेरी तकदीर का अफसाना

जो मिल गया वो अब तकदीर।

वो इंद्रधनुष्य ख्वाब था,

जो मिल गया वो दरिया।


वो मांगी हुयी बेहिसाब दुआ,

जो मिल गया वो कबुले दुआं।

आंखें देखती दिन रात जिसके ख्वाब

जो मिल गया मेरे ख्वाबों की तकरीर।


क्या बेहिसाब बेहद हसीन हादसा,

जो मिल गया वो तीमारदार।

तो माया उसकी वही जाने,

जो मिल गया तो फसाने 

बने हकीकत।


दिल की हसरतें आह भरती

जो मिल गया तो पलो की गिनती।

एक उम्र कम है साथ के लिए।

तुम कभी कभी ही सही आके ख्वाबों में 

ही मिल जाया करो।


आंखों ने भी ना झपकने की ठानी है

मगर अक्स क्या उभरा नयनो में

भर गया यादों से हृदय का कमरा।

अब खटखट नहीं झटपट झलक दिखलाए।


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