STORYMIRROR

Ekta Kochar relan

Comedy

4  

Ekta Kochar relan

Comedy

लॉक डाउन का प्रेम -पत्र

लॉक डाउन का प्रेम -पत्र

1 min
382

प्रिय पति महोदय,

सुबह होते ही तुम्हारा चाय पिलाना ,

हर पल राहों में आंखें बिछाना अच्छा लगता है।


ऑनलाइन क्लास में मैं व्यस्त, 

ब्रेकफास्ट बनाने में तुम हुए अभ्यस्त।

संग बातें ना करें पर मिलकर बैठ खाना अच्छा लगता है।


मेरा फुली मशीन में कपड़े धोना ,

और तुम्हारा साथ सुखाना अच्छा लगता है।


मैं करूं डस्टिंग और तुम्हारा,

 पौछा- झाड़ू लगाना अच्छा लगता है।


मैं दिन भर लिखती रहूूूँ,

और तुम्हारा घर पर हाथ बँटाना अच्छा लगता है

 लॉक डाउन का अपना तराना अच्छा लगता है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy