डॉ दीप्ति गौड़ दीप
Abstract
1.
कंटीले पथ
हिम्मत न हारना
लक्ष्य साधना ।
2.
होगा सवेरा
मिलेगी मंजिल भी
हौसला रख।
3.
व्यंग बाण
दुश्मन बना देंगे
प्रेम से बोलो l
4.
कर्म करना
चिंता मत करना
फल मिलेगा l
5.
इल्जाम ना दो
तकदीर को तुम
रखो उम्मीद l
"हिन्दी का सम...
"लहर - लहर लह...
शिक्षा दीप जल...
बेटी मेरा गौर...
त्यागो नशे के...
देश हमारा स्व...
खेल संस्कृति
आओ प्यार करें
तस्वीर ख्यालो...
बच्चे सयाने ह...
आँखमिचौली, चोर-सिपाही, हम करते थे, हर खेल चयन । क्या मजे थे गिल्ली-डंडे में, मुट्ठी में कैद संपूर... आँखमिचौली, चोर-सिपाही, हम करते थे, हर खेल चयन । क्या मजे थे गिल्ली-डंडे में, ...
ऐसा भी कभी होता है ...... घोर -घोर बवंड़र चलते , उथल मचने दुनिया में , मैं गहराई में छिप जाती हूँ ... ऐसा भी कभी होता है ...... घोर -घोर बवंड़र चलते , उथल मचने दुनिया में , मैं गहर...
आओ मिलकर खाते हैं, कच्ची पक्की रोटियां। आओ मिलकर खाते हैं, कच्ची पक्की रोटियां।
मेरी चादर कुछ मैली है थोडा सा सह लोगे क्या ? अभी भोर में बहुत देर है अपनाकर रह लोगे क्या ? मेरी चादर कुछ मैली है थोडा सा सह लोगे क्या ? अभी भोर में बहुत देर है अपनाकर र...
भव्य भगवद्गीता देता है ब्रह्मज्ञान का यही श्लोक। भव्य भगवद्गीता देता है ब्रह्मज्ञान का यही श्लोक।
एक नयी रौशनी लिख दो अपनी आने वाली नस्लों के नाम। एक नयी रौशनी लिख दो अपनी आने वाली नस्लों के नाम।
मौन रहकर भी सदा तुम बोलते अधिकार से हो, बंद हो तुम सीप जैसे तुम खुले अखबार से हो । मौन रहकर भी सदा तुम बोलते अधिकार से हो, बंद हो तुम सीप जैसे तुम खुले अखबार से...
क्या कभी-कभार कोई अंधेरा उसी समय रोशनी भी होता है ? क्या कभी-कभार कोई अंधेरा उसी समय रोशनी भी होता है ?
जिसकी कोख में सृजन हुआ वही हैं भाग्य विधाता। जिसकी कोख में सृजन हुआ वही हैं भाग्य विधाता।
दिल की है भावनाएं बहुत प्यारी लगती हैं। दिल की है भावनाएं बहुत प्यारी लगती हैं।
मुझे महज एक वस्तु मत समझना व्यंग बाणों का घातक प्रहार भी सहती हूँ। खिलौना नही हूँ मैं! मुझे महज एक वस्तु मत समझना व्यंग बाणों का घातक प्रहार भी सहती हूँ। खिलौना नह...
तुम जब तक उसे पहचानोगे, वह बदल जाएगी। तुम जब तक उसे पहचानोगे, वह बदल जाएगी।
बढ़ा दो अपने हाथों को, अब दुल्हन बनाने की बारी आई है... बढ़ा दो अपने हाथों को, अब दुल्हन बनाने की बारी आई है...
तप रहे किरणों से सूरज की फिर भी निश्चल मुस्करा रहे गाथा अटूट प्रेम की अपनी बता रहे फूल सूरजमुखी ... तप रहे किरणों से सूरज की फिर भी निश्चल मुस्करा रहे गाथा अटूट प्रेम की अपनी ब...
क्या कभी ईद, क्रिस्मस और दिवाली पर; अपने गरीब पड़ोसी का दरवाजा खटखटाया तुमने ? क्या कभी ईद, क्रिस्मस और दिवाली पर; अपने गरीब पड़ोसी का दरवाजा खटखटाया तुमने ?
एक झील मेरे मन की कुछ गहरी ,कुछ ठहरी सी याद मुझे जब आती , है तेरे बचपन की मेरी आँखों मे... एक झील मेरे मन की कुछ गहरी ,कुछ ठहरी सी याद मुझे जब आती , है तेरे बचपन क...
खुशबू का मालिक मैं, हूँ सबका प्यारा; धूल के टुकड़े तुझ पर, कोई न तेरा सहारा... खुशबू का मालिक मैं, हूँ सबका प्यारा; धूल के टुकड़े तुझ पर, कोई न तेरा सहारा...
क्या जिंदगी में ऐसा नहीं ? जीने ,कुछ करने की , कभी न खत्म होने वाली जिजीविषा पर फिर बंध जाते हैं... क्या जिंदगी में ऐसा नहीं ? जीने ,कुछ करने की , कभी न खत्म होने वाली जिजीविषा ...
धीमी तपती आंच सा है माँ प्यार तुम्हारा शीत में गर्मी का एहसास है माँ प्यार तुम्हारा..। धीमी तपती आंच सा है माँ प्यार तुम्हारा शीत में गर्मी का एहसास है माँ प्...
नीलम नीलवर्ण से बादल, प्रेयसी के हलकारे बादल। नीलम नीलवर्ण से बादल, प्रेयसी के हलकारे बादल।