डॉ दीप्ति गौड़ दीप
Classics
नये मंजर पुराने होने लगे
घर में गम के ठिकाने होने लगे।
माँ -बाप का रहने लगा,
उलझनों में जिगर,
जबसे बच्चे सयाने होने लगे।
"हिन्दी का सम...
"लहर - लहर लह...
शिक्षा दीप जल...
बेटी मेरा गौर...
त्यागो नशे के...
देश हमारा स्व...
खेल संस्कृति
आओ प्यार करें
तस्वीर ख्यालो...
बच्चे सयाने ह...
उनके बिना, जब दुख की दरारें झेलनी पड़े मन के मकानों को मेरे, तब सन्नाटा चुभता कानों क उनके बिना, जब दुख की दरारें झेलनी पड़े मन के मकानों को मेरे, तब सन्नाटा चुभत...
बिना अपेक्षा लिए हुए मन में करते जाएं काम, की जो अपेक्षा हुई न पूरी तो खो जाएगा आराम। बिना अपेक्षा लिए हुए मन में करते जाएं काम, की जो अपेक्षा हुई न पूरी तो खो जाए...
अहसाह करने दे, यूँ जकड़े न रह जरा हिलने-डुलने दे। अहसाह करने दे, यूँ जकड़े न रह जरा हिलने-डुलने दे।
कोई अगर पूछे तुमसे कि, देश तुम्हारा कैसा हो। बड़ी गर्व से बतला देना, मेरे भारत जैसा हो कोई अगर पूछे तुमसे कि, देश तुम्हारा कैसा हो। बड़ी गर्व से बतला देना, मेरे भार...
एक उम्र से, एक मुद्दत से, है इसको छूने की है आस। एक उम्र से, एक मुद्दत से, है इसको छूने की है आस।
चक्रव्यूह को चकनाचूर किया महारथियों का मद दूर किया। चक्रव्यूह को चकनाचूर किया महारथियों का मद दूर किया।
हम कहना पाये राम नाम वह मारकर हमें सुनवाती है। हम कहना पाये राम नाम वह मारकर हमें सुनवाती है।
समय की कलाकारी यह रग रग में छन छन ढले, चल चल मन मनचले आसमांं के पार चले। समय की कलाकारी यह रग रग में छन छन ढले, चल चल मन मनचले आसमांं के पार चले...
निस्वार्थ स्नेह से जीने का पाठ पढ़ा रही है। निस्वार्थ स्नेह से जीने का पाठ पढ़ा रही है।
निकल सकें तो निकल जाओ घर अपने, मेरे इस शहर में कुछ भी नहीं है मीनारों के सिवा ! निकल सकें तो निकल जाओ घर अपने, मेरे इस शहर में कुछ भी नहीं है मीनारों के सिव...
अब और टुकड़े करने की किसकी औकात है ? अब और टुकड़े करने की किसकी औकात है ?
सम्बर्धन की प्रेरक प्रेरणा राष्ट्र समाज का अंदाज़ आवाज़ वर्तमान।। सम्बर्धन की प्रेरक प्रेरणा राष्ट्र समाज का अंदाज़ आवाज़ वर्तमान।।
बस एक चुस्की गरम चाय की, और फिर शुरू बाते गुड मॉर्निंग की ! बस एक चुस्की गरम चाय की, और फिर शुरू बाते गुड मॉर्निंग की !
मुझे राह दिखाते थकता हुआ दिमाग तुम्हारा कभी भी मुझे मंजूर नहीं होता। मुझे राह दिखाते थकता हुआ दिमाग तुम्हारा कभी भी मुझे मंजूर नहीं...
विश्वभर में सुपरस्टार अमिताभ नाम, संस्कारित देशभक्त अमरत्व को प्रदान।। विश्वभर में सुपरस्टार अमिताभ नाम, संस्कारित देशभक्त अमरत्व को प्रदान।।
'अयोध्या' की 'एक बूंद' छोड़ गेह निज सीप मुख में पहुंचकर बन जाती है मोती। 'अयोध्या' की 'एक बूंद' छोड़ गेह निज सीप मुख में पहुंचकर बन जाती है मोती।
हर मुश्किल का डट के सामना कर के हिम्मत के साथ पार करेंगे ये जीवनपथ। हर मुश्किल का डट के सामना कर के हिम्मत के साथ पार करेंगे ये जीवनपथ।
पाक - साफ मोहब्बत है मेरी, मेरे दामन को "शकुन", दाग से बचाये रखना। पाक - साफ मोहब्बत है मेरी, मेरे दामन को "शकुन", दाग से बचाये रखना।
आज मैं कृष्ण के साथ इसलिए हूँ क्योंकि तुम सो रहे हो। आज मैं कृष्ण के साथ इसलिए हूँ क्योंकि तुम सो रहे हो।
सब कहते हैं सच कहते हैं मैं अपने पापा जैसी हूँ हर सम्भव मुस्कुराती हूँ। सब कहते हैं सच कहते हैं मैं अपने पापा जैसी हूँ हर सम्भव मुस्कुराती हूँ।