Anup Gajare
Tragedy
कितना मुश्किल होता है
पानी पर तुम्हारा ..
हाँ तुम्हारा, नाम लिखना
मेरे लिए
हाँ मेरे लिए तुम आग को चूमती थी,
और मैं
हूँ की..
पानी पर तुम्हें नहीं लिख सकता।
ट्रैफ़िक पुलि...
विवशता
"अंत की दुनिय...
इजाजत
शब्द
वो अब नहीं हो...
लिखना
'बारिश'
समस्या से बड़ी समाधान नही होती ये कहना कितना आसान है. समस्या से बड़ी समाधान नही होती ये कहना कितना आसान है.
क्या कभी तुम गुज़रे हो उन ख़मोश गलियों से जहाँ पिछली रात दंगे की रात थी। क्या कभी तुम गुज़रे हो उन ख़मोश गलियों से जहाँ पिछली रात दंगे की रात थी।
फिर क्यो लड़े, जब दिल मे बसे, हिन्दुस्तां, प्यारा। फिर क्यो लड़े, जब दिल मे बसे, हिन्दुस्तां, प्यारा।
घर तुम्हारा संतान तुम्हारी, हर बात से ऊंची बात तुम्हारी। घर तुम्हारा संतान तुम्हारी, हर बात से ऊंची बात तुम्हारी।
क्यों पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो जाते विचार और उन विचारों से होता मूल्यांकन। क्यों पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो जाते विचार और उन विचारों से होता मूल्यांकन।
जिसे हम लोग कहते हैं भ्रष्टाचार असल में वह तो है बस शिष्टाचार! जिसे हम लोग कहते हैं भ्रष्टाचार असल में वह तो है बस शिष्टाचार!
संसद और विधानसभाओं में करोड़पतियों की भरमार फिर कैसे हो सकती है वहाँ महंगाई पर चर्चा। संसद और विधानसभाओं में करोड़पतियों की भरमार फिर कैसे हो सकती है वहाँ महं...
करते सही-सही घर भर की ग़लत हो गए खुद ही भैया! करते सही-सही घर भर की ग़लत हो गए खुद ही भैया!
भारतीय चुनाव जनतांत्रिक चुनाव नहीं है , वो आम जनता के भावनाओं के साथ खिलवाड है. भारतीय चुनाव जनतांत्रिक चुनाव नहीं है , वो आम जनता के भावनाओं के साथ खिलवाड ...
मैं गमों से भरी सराबोर बदली हूँ बरसना मेरी फ़ितरत है। मैं गमों से भरी सराबोर बदली हूँ बरसना मेरी फ़ितरत है।
रुकते नहीं कभी कदम मेरे, थके नहीं कभी कर्तव्य मेरे। रुकते नहीं कभी कदम मेरे, थके नहीं कभी कर्तव्य मेरे।
अपने-अपने विचारधारा को सही जताने व बताने, पक्ष-विपक्ष करते हैं तर्कहीन चर्चा आमने-सामा अपने-अपने विचारधारा को सही जताने व बताने, पक्ष-विपक्ष करते हैं तर्कहीन चर्चा ...
सामने रहता अश्रु बहता जी को करता हल्का पर अहंकार ऐसा दुर्भाग्य नहीं देता रोने भी सामने रहता अश्रु बहता जी को करता हल्का पर अहंकार ऐसा दुर्भाग्य नहीं देत...
न तुम घर में होली मनाते, ना दीवाली, हम मनाते खुशियां, तुम करते रखवाली। न तुम घर में होली मनाते, ना दीवाली, हम मनाते खुशियां, तुम करते रखवाली।
आपके लायक नहीं हम, ना औरों के लायक। हम तो है सिर्फ, सबकी यहाँ नफरत लायक।। आपके लायक नहीं हम, ना औरों के लायक। हम तो है सिर्फ, सबकी यहाँ नफरत लायक।।
वीर शहीदों की कुर्बानी , यही फरवरी चौदह थी, भींग गयी थी धरा अश्क से कैसे भूलूॅं। वीर शहीदों की कुर्बानी , यही फरवरी चौदह थी, भींग गयी थी धरा अश्क से कैसे भूलू...
आ गया आजकल कैसा,डरावना युग व्यक्ति ही व्यक्ति पर चला रहा चाबुक। आ गया आजकल कैसा,डरावना युग व्यक्ति ही व्यक्ति पर चला रहा चाबुक।
हंसाने में रुलाने में मेरे दिल को जलाने में तेरा ही हाथ है जालिम मेरी हस्ती मिटाने मे। हंसाने में रुलाने में मेरे दिल को जलाने में तेरा ही हाथ है जालिम मेरी हस्ती म...
संसद से लेकर विधान सभाओं में शोर सडक़ जाम कर बैठे अराजकों का शोर। संसद से लेकर विधान सभाओं में शोर सडक़ जाम कर बैठे अराजकों का शोर।
सियासत होती देखी है महिला उत्थान पर हमेशा, क्या कभी किसी महिला के घर जा कर देखा भी है. सियासत होती देखी है महिला उत्थान पर हमेशा, क्या कभी किसी महिला के घर जा कर दे...