I'm Anup and I love to read StoryMirror contents.
“तुम बदल गए हो…” <br>उसने चाय का कप रखते हुए कहा। <br>मैं मुस्कुराया— <br><br>“या शायद… अब दिखने लगा... “तुम बदल गए हो…” <br>उसने चाय का कप रखते हुए कहा। <br>मैं मुस्कुराया— <br><br>“य...
|| यह सुंदर नहीं है — भीतर का तट || ट्रेन अब भी चल रही थी— || यह सुंदर नहीं है — भीतर का तट || ट्रेन अब भी चल रही थी—
मैंने कई बार खुद को पुकारा— नाम लेकर नहीं, बस उस खालीपन से मैंने कई बार खुद को पुकारा— नाम लेकर नहीं, बस उस खालीपन से
जब शहर में कोई पागल हो जाता है, तो वह ट्रैफ़िक पुलिस बन जाता है। वह घंटों, दिनों तक खड़ा रहता है, हा... जब शहर में कोई पागल हो जाता है, तो वह ट्रैफ़िक पुलिस बन जाता है। वह घंटों, दिनों...
हम रोते हैं, <br>पर कमजोरी के लिए नहीं, <br>ये तो उस अनकहे भीतर के तूफान की आवाज़ है। <br>जहाँ शब्द ... हम रोते हैं, <br>पर कमजोरी के लिए नहीं, <br>ये तो उस अनकहे भीतर के तूफान की आवाज...
"अंत की दुनिया" ____________________ दुनिया का अंत यूं नहीं होता न ही किसी धमाके के साथ, "अंत की दुनिया" ____________________ दुनिया का अंत यूं नहीं होता न ही किसी धमाके...
मैंने कहा ना नहीं होता मुझे शबरी सा इंतजार मुझे इजाजत चाहिए बस तुम दे दो। मैंने कहा ना नहीं होता मुझे शबरी सा इंतजार मुझे इजाजत चाहिए बस तुम दे दो।
मैं नहीं जानता की उस शब्द को किसने उखाडा जो नदी के तीर पर अपना देह छोड रहा था। मैं नहीं जानता की उस शब्द को किसने उखाडा जो नदी के तीर पर अपना देह छोड रहा था...
मै वो बारिश अभी भी देख सकता हूँ साथ महसूस कर सकता हूँ मिट्टी मे उठनेवाली वो सुगंध। मै वो बारिश अभी भी देख सकता हूँ साथ महसूस कर सकता हूँ मिट्टी मे उठनेवाली वो...
मेरे लिए हाँ मेरे लिए तुम आग को चूमती थी, मेरे लिए हाँ मेरे लिए तुम आग को चूमती थी,