STORYMIRROR

Shakuntla Agarwal

Abstract

3  

Shakuntla Agarwal

Abstract

"लीला धारी कृष्ण"

"लीला धारी कृष्ण"

2 mins
116

श्री कृष्ण ने जन्म लिया,

मामा की जेलों में,

अरे, मामा की जेलों में,

न वहाँ दायी, न वहाँ नर्सें,

किसने होलर जनाये री,

मामा की जेलों में,

अरे, मामा की जेलों में,

किसने चरवें चढ़ाये री,

किसने पर्दे लगाये री,

किसने सौंठ कुटाई री,

किसने बंसी बजायी री,

किसने सतियें लगाये री,

किसने मंगल गाये री,

किसने होम कराई री,

मामा की जेलों में,

अरे, मामा की जेलों में,


कृष्ण-पक्ष की अष्टमी को,

देवकी ने ललना जाये री,

मामा की जेलों में,

अरे, मामा की जेलों में,

वासुदेव - देवकी घबराये री,

मामा की जेलों में,

देवकी को वासुदेव धीर बँधाये री,

मामा की जेलों में,

ललना किस विध बच पाये री,

मामा की जेलों में,

देवकी ने गले लगाये री,

मामा की जेलों में,

अरे, मामा की जेलों में,


चतुर्भुज रूप दिखाये री,

मामा की जेलों में,

पहरेदार सुलाये री,

मामा की जेलों में,

वासुदेव टोकरी ले आये री,

कान्हा उसमें सुलाए री,

मामा की जेलों में,

जमुना तीरे ले आये री,

मामा की जेलों से,

अरे, मामा की जेलों से,

 

दामिनी चमकें, मेघा बरसे,

जमुना नीर चढ़ आये री,

वासुदेव घबराये री,

कृष्ण ने पैर लटकाये री,

पैर पखार जमुना राह बन जाये री,

नन्द - बाबा के घर आये री,

मामा की जेलों से,

अरे, मामा की जेलों से,


ललना ले लाली दे दीनी,

वासुदेव की गोद भर दीनी,

तुरंत ले जेल में आये री,

पहरेदारों ने कंस जाये सिखाये री,

कंस मारन को आये री,

मामा की जेलों में,

अरे, मामा की जेलों में,


हाथ में आते ही उड़ जाये री,

मामा की जेलों में,

अरे, मामा की जेलों में,

नभ में जाये दामिनी चमकें,

मामा की जेलों में,

अरे, मामा की जेलों में,

तू किस उधेरबुन में लगा है,

तेरा घड़ा तो भर चुका है,

तेरा मारनहार जन्म चुका है,

अब तुझे कौन बचायें री,

"शकुन" लीलाधर ऐसी लीला दिखाये री,

मामा की जेलों में,

अरे, मामा की जेलों में!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract