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Shakuntla Agarwal

Abstract Others

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Shakuntla Agarwal

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"चन्द लाइन बामुश्किल है"

"चन्द लाइन बामुश्किल है"

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   नजरें कितनी ही तेज क्यों ना हो?

       मुश्किल है

    समुद्र की थाह नापना

   अजीज कितना ही प्यारा क्यों ना हो?

        मुश्किल है

    दर्द की गहराई भापना

     सन्त कितना ही ज्ञानी क्यों ना हों?

        मुश्किल है

    स्वयं और ईश्वर की दूरी पाटना

   जिन्दगी कितनी ही सरल क्यों ना हो?

       मुश्किल है 

       बेदाग काटना

दातार कितना ही बड़ा क्यों ना हो?

       मुश्किल है 

      कड़ी मेहनत की

       कमाई बांटना

डाक्टर कितना ही नामी क्यों ना हो?

       मुश्किल है 

   "शकुन" अपनों को काटना ||



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