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SURYAKANT MAJALKAR

Romance

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SURYAKANT MAJALKAR

Romance

लिबास और अदा

लिबास और अदा

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लिबास तुम कोई भी पहन लो

अपनी अदाओं से बाज़ नहीं आओगे


आज भी तुम जब स्लीवलेस पहनती हो

तो वो तुम्हारी अर्धगोरी बाहें 

काफी ख़ूबसूरत लगती है


वेस्टर्न ऑउटफिट की बात ही अलग है

साड़ी में तो तुम चाँद का टुकड़ा लगती हो

तारीफ़ करने के लिए लफ्ज़ कम पड़ेंगे


लिबास और अदा जंचती है तुम पे 

पर 'फोटोसेशन' से कौन बच पाया ?


कैसे कैसे कमेंट करते है लोग ,

इसलिए सोशल मीडिया पर 

पोस्ट करना बंद किया


फिर तुम्हारी तारीफ़ कौन करता

तुम्हें लाइक कमेंट कौन करता ?


वैसे तुम्हें इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता

तुम्हारा तो मेरी तारीफ़ से ही जी भर जाता है


तुम्हारी सारी अदाएँ, वफ़ाये सिर्फ मेरे लिए

और मेरा ढेर सारा प्यार तेरे लिए


 


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