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Kailash Vinzuda

Tragedy Others

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Kailash Vinzuda

Tragedy Others

ले जाएंँ

ले जाएंँ

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कह नहीं सकते कब कौन से मोड़ पे सफ़र ले जाएँ,

कल ऐसे हालात आएँ और तुझे उसके शहर ले जाएँ


ना अश्कों कि लहरें सोने देती है ना ही जीने देती है,

उसे जाकर कहो कि मेरी आंखों में से समंदर ले जाएँ


दिल का क़त्ल करके उसने हथियार वहीं छोड़ दिये,

पुलिस आये इससे पहले अल्फाज़ के खंजर ले जाएँ


वो वापस आयेंगे ये सोचकर हमने यादें जलाई नहीं,

अब जला दूं इससे पहले कहो यादें आकर लें जाएँ


तूं किसी गैर की जान है, अब तुझे पाने का भी सोचूं,

तो उसी वक़्त एक बड़ी सुनामी मुझे बहाकर ले जाएँ.



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