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Kailash Vinzuda

Inspirational

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Kailash Vinzuda

Inspirational

अपाहिज

अपाहिज

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सारी दुनिया जानती है कि उसके पास हाथ-पांव नहीं है।

पर शिखर सर करेगा उसका मनोबल डगमगव नहीं है।


औरों कि तरह घूम-फिर नहीं सकता ना खेल सकता है,

मन छोटा मत कर किसी के पास तेरे जैसा सुझाव नहीं है।


दुनिया वाले तुम्हें अपाहिज कि नजर से देखते हैं देख ने दे,

पर तुझे ही पता है तुझमें शहर है तु कोई छोटा गांव नहीं है


जन्म से ही कंटकों और अंगार के बीच पला-बढ़ा है तु,

अब तुझे कोई चीज दर्द दे सके ऐसा कोई भी घाव नहीं है।


तुझमें जो कमी है वो कमी थोड़ी है ख़ुदा कि करामत है,

बंदगी तेरे साथ है तेरे सामने टिके ऐसा कोई पांव नहीं है।


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