STORYMIRROR

Kumar Kishan

Tragedy

2  

Kumar Kishan

Tragedy

Lauckdown का पहला दिन

Lauckdown का पहला दिन

1 min
555


लॉक डाउन का पहला दिन

यह मत पूछो कैसे गुजरा ?

सारा दिन मन उदास रहा

ऐसा ही मेरा हाल रहा

कहाँ जाऊं ?

किधर जाऊं ?

इसी सोच में डूबा रहा।

लॉक डाउन का पहला दिन

यह मत पूछो कैसे गुजरा।

पर मैं कर भी क्या सकता हूँ?

हालात ही कुछ ऐसे हैं,

इसके आगे सभी बेबस हैं

पर,मन प्रसन्न है

देश हित में यह जरूरी है

लॉक डाउन का होना सही है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy