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Neerja Sharma

Inspirational

3  

Neerja Sharma

Inspirational

लाकडाऊन में तीज

लाकडाऊन में तीज

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लाकडाऊन में तीज के सपने 

सब आधे अधूरे से लग जा रहे 

बस वाट्सएप पर दिन बीत रहे 

याद आए पिछला सावन रे।


आया तीज का त्यौहार 

फैली वर्षा की फुहार

मन मोरा नाचे बार बार

पर याद आए पिछले सावन रे।


तीज की सुगंध से महका वाट्सएप

बधाइयों में भरी घेवर की खुशबू

गुजिया का स्वाद भी मैसेज के संग 

पर याद आए पिछला सावन रे।


क्या हुआ जो न बाहर जा पाएँगे 

मन के झूलों की पींग चढ़ाएँगे 

पिया संग ऊँची डाल छूँ आएँगे

पर याद आए पिछला सावन रे।


मायका भी महका है तीज की सुगंध से 

भाई ने भेजी है फोन पे कोथली रे 

मैं भी भाई के शगुन मनाऊँ रे 

पर याद आए पिछला सावन रे।


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