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RAJESH KUMAR

Inspirational Others Children

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RAJESH KUMAR

Inspirational Others Children

क्या सब ठीक ठाक है

क्या सब ठीक ठाक है

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क्या हम सब ,ठीक है

क्या समय, अपने पास है

मन में आया, कैसा प्रश्न है

अजीब सा, द्वंद्व यार है।


संवेदनाएं, डिजिटल हैं

खुशियों, दुःख प्यार गुस्सा

इमोजी है, तैयार है,,

जैसे लटकी, तस्वीरों हैं

दीवार पर, बेजान हैं।


क्या हम सब ठीक हैं

पूछते मतलब से हाल हैं

दूसरे भी बताते नहीं,,

जो उनके, चाल ढाल है।


इनकार, ईर्ष्या का व्यवहार

मैसेज में फर्स्ट क्लास हैं

रहते सब हैं, ऑनलाइन 

कंट्रोल यहां अपने हाथ है

क्या हम सब ठीक है भाई?


तरक्की हो, स्वीकार है

केवल साथ, स्वीकार नहीं

सिमट जाएं तकनीक में

ये भी स्वीकार नहीं ?


सब जान, लेने की होड़

तिलिस्म भरा है,,

बहुत दिया  तकनीक ने 

क्या हर कोई खुश है, भाई

सच्ची बात दूर रह गई। 


क्या हम ठीक ठाक हैं?

पढ़ने की जरूरत, आंखों से

लगाव की जरूरत, दिल से

स्पर्श की जरूरत, प्यार से

झुकाव की जरूरत ,हृदय से 

देखो सब ही ठीक ठाक है।।




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