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Meenaz Vasaya. "મૌસમી"

Fantasy

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Meenaz Vasaya. "મૌસમી"

Fantasy

"क्या मांगे?"

"क्या मांगे?"

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तेरी यादों ने दे दिया हमें आंसू का तोहफा,

अब हम सागर से क्या मांगे?


तेरी नज़रों ने दे दी हमें फूलों कि महक,

अब हम चमन से क्या मांगे?


तेरे प्यार ने दे दी हमें सारे जहां की रोशनी,

अब हम सूरज से क्या मांगे?


तेरी वफा ने दे दी हमें पूरे कायनात की खुशी,

अब हम रब से क्या मांगे?


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