कविता का जंगल
कविता का जंगल
लिखी गई है
बहुत सी कवितायेँ
पहले
बहुत सारी जगहों पर
अनेक विषयों पर
देश और विदेशों में भी
लिखी जाएगी
बहुत सी कविताएँ।
वहां
जहाँ लिखी नहीं गई है
जानी, अनजानी
देशों पर
इस वर्तमान युग में
कम नहीं हुआ है,
इसका मान
मेरी भी अभिलाषा है
इस कविता की
घने जंगल में
मेरा भी एक
हरियाला पेड़ हो।
