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Anjana Singh (Anju)

Abstract

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Anjana Singh (Anju)

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कुछ पुरुष ऐसे भी होतें

कुछ पुरुष ऐसे भी होतें

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ये लड़के कहें या पुरुष

कई तरह के होते हैं

सब दिल के कठोर नहीं

अपितु कोमल दिलवाले भी होते हैं


कुछ होते काम के प्रति वफादार

लाते जीवन में सदाचार

इस भागमभाग वाली जिंदगी में भी

कुछ करने का जुनून रखते हैं


कुछ हमारी नखरें उठाते 

हर बात हमारी हैं मानते

गिर ना जाए कहीं हम

 उसके पहले हमें संभालते


कुछ होतें सुकून से भरें

रहते हरदम शांति धरें

जिनकें कांधे पर सर रखकर

तृप्त हो जाता मन हाल-ए-दिल कहकर


कुछ होतें हर किसी से जुदा

आपकी हर बात पर फिदा

आपकी पसंद में हां करतें

उनकी होती खुबसूरत अदा


कुछ मन की बात हैं कहतें

चेहरें की भाषा वो पढ़ते

आंखों से ढलकनें से पहले 

आंसू को हैं पोछ लेतें


कुछ हर रिश्तें को 

बखूबी निभाते हैं

उन रिश्तों के लिए

दुनिया से लड़ जाते हैं


कुछ पुरुष स्त्री मन की

 कोमलता को पढ़ते हैं

स्त्री मन‌ के सुंदरता की

परिक्रमा भी करतें हैं


कुछ हैवानों के कारण ये

नफरत का शिकार हैं बनते

पर सच तों है अंधेरी राहों में ये

सितारों की तरह जगमगातें हैं


एक स्त्री के लिए

असली पुरुष वहीं है

जिसनें उसके अस्तित्व से प्यार किया

उसकी कोमलता पर

दिलो-जान निसार किया।


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