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Priyadarsini Das.

Romance Tragedy

4  

Priyadarsini Das.

Romance Tragedy

कुछ लम्हे

कुछ लम्हे

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कुछ लम्हे ऐसे थे 

जो भूल कर भी 

भुला ना सकेंगे।


कुछ लम्हे ऐसे भी थे 

जिसे याद करके भी 

याद किया नहीं जा सकेगा।


कुछ लम्हे ऐसे थे 

जो अब भी 

दिल की कोई कोने में 

छुप कर बैठी है।


कुछ लम्हे ऐसे भी थे 

जिसको दिल से 

निकाल देना हीं ठीक है।


कुछ लम्हे ऐसे थे 

जो तुझ से सुरु 

और तुझ पे ही 

ख़तम होते थे।


कुछ लम्हे अब ऐसे भी है 

जो तुझ पे ही 

जा के ठहर जाता है।


कुछ लम्हे ऐसे भी थे

ऐसे भी थे।


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