Pradip Hiwarkhede
Drama
वैसे कुछ खास तो नहीं हो तुम,
फिर भी क्यों तुमसे बात करने
को मन करता है,
तुम पास भी नहीं हो मेरे,
फिर भी तुमसे दूर,
ना जाने को क्यों,
मन करता है,।
जिने देना ए ज...
अफसाने..
बदसुलकी..
तेरी मेरी राह...
कशमकश
कुछ खास तो नह...
घमंड हैं क्या...
कभी कभी लगता ...
बेवजह तो नही ...
रुठे हैं
हर तरफ होगा पानी पर पानी को तरस जाओगे ! हर तरफ होगा पानी पर पानी को तरस जाओगे !
गया वो अजनबी रिश्ता इंसानियत नाम था जिसका। गया वो अजनबी रिश्ता इंसानियत नाम था जिसका।
कोई नहीं है अपनी, अपनों की हाय में लूट गयी हूँ। कोई नहीं है अपनी, अपनों की हाय में लूट गयी हूँ।
लड़ो अपने सपनों के लिए पा लो एक नया मुकाम। लड़ो अपने सपनों के लिए पा लो एक नया मुकाम।
प्रकृति के नियमों का पालन करना मेरे जल को साफ रखना। प्रकृति के नियमों का पालन करना मेरे जल को साफ रखना।
बहुत हूँ हैरान, कब हो मेरी, समस्या का समाधान ? पूछे बाल मनोविज्ञान। बहुत हूँ हैरान, कब हो मेरी, समस्या का समाधान ? पूछे बाल मनोविज्ञान।
बस पीछे छोड़े जा रहा है विनाश के निशान। बस पीछे छोड़े जा रहा है विनाश के निशान।
है आदि से अंत तक अमर मेरी कहानी है आदि से अंत तक अमर मेरी कहानी
बस बहती हूँ न कोई आता है पहली की तरह आज। बस बहती हूँ न कोई आता है पहली की तरह आज।
मैला आँचल कर जाते हैं अब आसुंओं के संग बहते जाती हूं। मैला आँचल कर जाते हैं अब आसुंओं के संग बहते जाती हूं।
उसी पहर आशिकों को भी थी रौनकें जमानी। उसी पहर आशिकों को भी थी रौनकें जमानी।
हर पूनम में चँदा के संग जी भरकर बतियाती हूँ। हर पूनम में चँदा के संग जी भरकर बतियाती हूँ।
हम सब हुआ करते हैं सवाली बच्चों की सोच मत वाली। हम सब हुआ करते हैं सवाली बच्चों की सोच मत वाली।
फल और कंद-मूल खाकर ही तो जिन्दा था। फल और कंद-मूल खाकर ही तो जिन्दा था।
मैं नदिया की धार, चंचल अविचल मझदार। मैं नदिया की धार, चंचल अविचल मझदार।
थोड़ा रोते फिर हँस देते सबके मन को भाते बच्चे। थोड़ा रोते फिर हँस देते सबके मन को भाते बच्चे।
इसकी हालत क्या कर दी है अब तो यह मैली दिखती है। इसकी हालत क्या कर दी है अब तो यह मैली दिखती है।
कर दोगे इच्छा पूरी तो, गाऊंगा ताउम्र प्रभु आपका गुणगान। कर दोगे इच्छा पूरी तो, गाऊंगा ताउम्र प्रभु आपका गुणगान।
अस्तित्व खो देगी अपना और मृत पड़ जाएगी। अस्तित्व खो देगी अपना और मृत पड़ जाएगी।
लूटा है फिर सबने मिलकर ना समझ ही पाए, बलिदान को मेरे। लूटा है फिर सबने मिलकर ना समझ ही पाए, बलिदान को मेरे।