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Pradip Hiwarkhede

Abstract

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Pradip Hiwarkhede

Abstract

जिने देना ए जिंदगी..

जिने देना ए जिंदगी..

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जीने देना ए जिंदगी, 

अपने हिसाब से,


क्यों बार-बार परेशान कर रही है,

उलझनें बढ़ा के,


हमने क्या बिगाड़ा है तेरा,

जो तू इतना कहर बरसा रही है।


जीने देना ए जिंदगी, 

अपने हिसाब से।


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