STORYMIRROR

Preeti Sharma "ASEEM"

Tragedy

4  

Preeti Sharma "ASEEM"

Tragedy

कुछ ही..... सही

कुछ ही..... सही

1 min
204


कुछ पल के लिए कुछ पल ही सही ।

तू मिला ......

और मिला मुझको कुछ भी नहीं।

कुछ पल के लिए कुछ पल ही सही ।


जीवन के सफर में जब निकले कभी

किनारों की तरह चले थे सभी

साथ तेरा दो कदमों का ही सही।

तू चला..... 

और मिली मुझको मंजिल नही।


कुछ पल के लिए कुछ पल ही सही ।

तू मिला...और मिला मुझको मंजिल नहीं।


सब किस्से मोहब्बत के अधूरे सही।

है मोहब्बत तुमसे इतना ही सही।

पूरी न हो सकी...चल अधूरी सही।।

सब मिला...

और फिर भी कुछ भी नहीं।।


चाहतों के समंदर में तैरा था कभी

आसमानों को किस्सों में उतारा कभी।

नाम तेरा लेकर जी लेगें हम।

तू मिला पूरे दिल से कभी भी नहीं।

कुछ पल के लिए कुछ पल ही सही ।

तू मिला और मिला मुझको कुछ भी नहीं।।


जिंदगी दुआओं से मिलती नहीं।

दे बददुआएं कि जान भी निकलती नहीं।

जिस कदर अजनबी करके गया था कभी।

तेरे आने की आहटें भी अब सुनतीं नहीं।

आवाज़ मेरी भी तुझ तक पहुंचती नहीं।

दो किनारों सी चलीं जिंदगी जो जाकर कहीं मिलती नहीं।।





Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy