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Neeraj pal

Inspirational

4  

Neeraj pal

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कटु सत्य।

कटु सत्य।

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जब देखता हूं किसी अर्थी को सजा कर ले जाते हुए,

तो मन में यह ख्याल आता है कि एक दिन तेरा भी हश्र ऐसा ही होगा।


और जब देखता हूं अर्थी को पल भर में ख़ाक में मिलते हुए,

तो मन में ख्याल आता है कि एक दिन तेरा भी हश्र ऐसा ही होगा।


और फिर सोचता हूं मानव जीवन पाकर मुझे बहुत बड़ा एक धोखा मिला है,

फिर सोच कर यही धैर्य रखता कि मरना जीना तो एक सिलसिला है।


फिर भी क्या उद्देश्य है इस जीवन का अभी तलक मैं समझ न पाया,

व्यस्त रहा अपने निज कर्मों में फिर भी समझ न पाया प्रभु की माया।


मोया जग ढूंढता रहा मैंने पत्थर में भी उसे देखा  किया है।

पागल कहती थी दुनिया सारी मैंने कड़वा जहर भी पिया है।


पा न सका असली पूंजी को करता रहा सदा अपनी मनमानी‘

"नीरज" कर ले अपनी सफल जिंदगी बरना पल भर में होगी तेरी खत्म कहानी।


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