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Neeraj pal

Others

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परम पूज्य बड़े बाबू जी

परम पूज्य बड़े बाबू जी

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आज एक हृदय विदारक घटना, रामाश्रम में है आई,

टूंडला पावन धरा पर, काली घटा स्मृति भवन में है छाई,

पूज्य आराध्य बड़े बाबूजी, क्यों चले गए हमें छोड़कर,

आप ही तो थे एकमात्र सहारा, जिसने जीने की राह है दिखलाई ।


जैसा नाम था वैसा ही, इस सकल जगत को दिखलाया,

प्रभु रूप में आप ही थे, जिसने दयालुता को है सिखलाया,

कैसी विडंबना है प्रभु की, सकल कष्ट आप ही ले लेते,

ईश्वर का तो नहीं मालूम, किंतु आपने दिव्य स्वरुप है दिखलाया ।


कितने भी संकट आए जीवन में, हंसकर सब सह लेते,

गर कोई साधक पहुंचा चरणों में, उसके दुख- दर्द हर लेते,

रामाश्रम रूपी पावन गंगा को,निर्मल सदा है बनाया,

भूल न पता उसे पल को, जब सब की खबर तुम हो रखते ।
 

अंतिम विनय प्रभु बस इतनी, हम सब पर तुम करना ,

याद तुम्हारी जब भी आए, वरद-हस्थ बस तुम रखना,

परदा करना आपकी थी मर्जी, यह संतों की है लीला,
 
जब-जब पुकारू प्रभु मैं तुमको, बस इन नैनन में तुम वसना ।


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