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Kiran Bala

Inspirational


3.8  

Kiran Bala

Inspirational


उन्हें प्रणाम !

उन्हें प्रणाम !

1 min 275 1 min 275

हाथ पकड़कर जिन्होंने हमें पन्नों पर लिखना सिखलाया

निस्वार्थ भाव से जिन्होंने हमें जीने का मकसद बतलाया


दिशाहीन ही थे हम तो कर्तव्य पथ पे चलना सिखलाया

स्वयं तपकर तप से अपने जीवन को प्रकाशित करवाया


हमारी प्रत्येक कमी को दूर कर हृदय से अपने गले लगाया

सत्य - असत्य, सही गलत का संपूर्ण भेद हमें समझाया


गिर-गिर कर संभलना कैसे महत्व परिश्रम का बतलाया

हमारे सपनों को जिन्होंने लक्ष्य अपने जीवन का बनाया


हमें ऊँचाइयों के शीर्ष तकसमाज में जिसने पहुँचाया

मातृभूमि सम प्रेम न दूजा देश पर मर मिटना बतलाया


बन प्रेम सरिता की जलधारा नैया को हमारी पार कराया

रहस्य संघर्षरत जीवन का सहनता, सुगमता से समझाया


अपने उन समस्त गुरुजनों का मैं सम्मान करती हूँ

श्रद्धा भाव से आज उनको कोटि-कोटि प्रणाम करती हूँ।


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