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Rashmi Singhal

Abstract

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Rashmi Singhal

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कठिन है बड़ा

कठिन है बड़ा

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धर्म करना फिर भी आसान है

पर सतकर्म कर पाना

कठिन है बड़ा।


दान,करना फिर भी आसान है,

परअभिमान न करना

कठिन है बड़ा।


मोहब्बत करना फिर भी आसान है

पर किसी से भी नफरत न करना

कठिन है बड़ा।


परिवार बनाना फिर भी आसान है

पर उसमें प्यार बनाए रखना

कठिन है बड़ा।


दिल हार जाना फिर भी आसान है

पर,किसी का दिल जीत पाना

कठिन है बड़ा।


माला फेरना फिर भी आसान है,

पर मन की मनका फेरना

कठिन है बड़ा।


झूठ बोलना फिर भी आसान है,

पर सच को सून पाना

कठिन है बड़ा।


ईश्वर को पाना फिर भी सरल है

पर खुद को सरल बनाना

कठिन है बड़ा।


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