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Rashmi Singhal

Abstract


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Rashmi Singhal

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मंज़र कौन सा है?

मंज़र कौन सा है?

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चुना है जो दिल ने ये मंजर कौन सा है?

जा रहा किस ओर ये सफर कौन सा है?


छोड़ के घर अपना बसने चला दिल कहाँ?

जाना-पहचाना सा जाने ये नगर कौन सा है?


दवा-दारू-दुआ सब बेअसर हो चली हैं

हुआ दिल पर जाने ये असर कौन सा है?


ड़रता है आजकल ये किसके बिछुड़ने से?

आखिर! मेरे दिल को ये फिकर कौन सा है?


न ही जीने देता है ये,न ही देता है ये मरने

मीठा सा लगने वाला ये जहर कौन सा है?


करा दिया मुझे ये एहसास मेरे दिल ने,के

जिन्दगी का मेरी हमसफर कौन सा है।


         

  


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