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Poonam Kaparwan

Tragedy

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Poonam Kaparwan

Tragedy

कतरा कतरा

कतरा कतरा

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कतरे कतरे में

टुकडें टुकडों में किश्त भरी है जिंदगी की


न जाने जिंदगी

कितने खेल और खेलोगी


एक दरख्वास्त है तुमसे

जब निकले दम मेरा

मेरा हमनशीन मेरी नजरों में हों


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