Anjali Srivastav
Classics
स्वर्ण सा चमकता नभ में आज चाँद होगा।
उससे कहीं ज्यादा चमकता मेरे पास चाँद होगा।।
मैं भी इतराकर चाँदनी सी चमक जाऊंगी,
क्योंकि दुनियां मे सबसे दिलकश मेरा चाँद होगा।।
.
हिंदी से हो स...
भारत की बेटी
तेरी मेरी कहा...
नशामुक्ति
कोरोना
फ़साने
माँ का हिसाब
पुजारन बनना च...
अपनों के दिल
बसंत
प्यार से समझाती भैया को यदि करता वो कोई बवाल। प्यार से समझाती भैया को यदि करता वो कोई बवाल।
मैंने तारों से जगमग आसमाँ, को भी टूटते देखा। मैंने तारों से जगमग आसमाँ, को भी टूटते देखा।
आज प्रकृति आजाद है, सतरंगा आकाश है, पर्यावरण का कमाल है। आज प्रकृति आजाद है, सतरंगा आकाश है, पर्यावरण का कमाल है।
जब समर्पित हो जब समर्पित हो
बहुत कर चुके नाश इसका अब हरियाली चारो तरफ फैलाएंँ। बहुत कर चुके नाश इसका अब हरियाली चारो तरफ फैलाएंँ।
जय शारदा माता दया करो। जय शारदा माता दया करो।
ढूंढने की कोशिश में स्वयं के अर्थ को। ढूंढने की कोशिश में स्वयं के अर्थ को।
ओ मेरे-मन -मीत लौट आ कि, नैना थके राधा तेरी राह तके हैं ! ओ मेरे-मन -मीत लौट आ कि, नैना थके राधा तेरी राह तके हैं !
जेतना हो सके सबके खाना खिला के तू देखा। जेतना हो सके सबके खाना खिला के तू देखा।
नाम से सभी लोग पुकारते यही उनकी असली परिणाम। नाम से सभी लोग पुकारते यही उनकी असली परिणाम।
जान तो किसी और के हाथों में होती है। जान तो किसी और के हाथों में होती है।
लड़ रहा बस ये वक़्त हैं अपनी रफ़्तार से चल रहा। लड़ रहा बस ये वक़्त हैं अपनी रफ़्तार से चल रहा।
पीतांबर है या पहनी अंशुमालाएँ? या किरणों का उत्सर्ग हुआ । पीतांबर है या पहनी अंशुमालाएँ? या किरणों का उत्सर्ग हुआ ।
मैं आशाओं का दीपक हूं गर जलता हूं, तो जलने दे मैं आशाओं का दीपक हूं गर जलता हूं, तो जलने दे
फिर क्यों धूल में नीलाभ बनकर धरती पर आँचल ओढ़ चले। फिर क्यों धूल में नीलाभ बनकर धरती पर आँचल ओढ़ चले।
उलझे जीवन, दिजै आसरा मात-पित-बंधु हरि साध रहा। उलझे जीवन, दिजै आसरा मात-पित-बंधु हरि साध रहा।
हमें खुद के लिए मगर खुदगर्ज बनते जा रहे हम। हमें खुद के लिए मगर खुदगर्ज बनते जा रहे हम।
सभी तंग है बस दिल से दिल की जंग जंग है। सभी तंग है बस दिल से दिल की जंग जंग है।
यूँ तो है मुझमें तुम्हें पाने की चाहत , तभी तो मुझे प्यारी लगे तुम्हारी आने की आहट ! यूँ तो है मुझमें तुम्हें पाने की चाहत , तभी तो मुझे प्यारी लगे तुम्हारी आने क...
यूं तो मूल्य हीन हूं मैं, मैं तो केवल शून्य हूं। यूं तो मूल्य हीन हूं मैं, मैं तो केवल शून्य हूं।