Anjali Srivastav
Classics
स्वर्ण सा चमकता नभ में आज चाँद होगा।
उससे कहीं ज्यादा चमकता मेरे पास चाँद होगा।।
मैं भी इतराकर चाँदनी सी चमक जाऊंगी,
क्योंकि दुनियां मे सबसे दिलकश मेरा चाँद होगा।।
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हिंदी से हो स...
भारत की बेटी
तेरी मेरी कहा...
नशामुक्ति
कोरोना
फ़साने
माँ का हिसाब
पुजारन बनना च...
अपनों के दिल
बसंत
थाम कर तेरे प्रीत की सतरंगी चुनर, मैं हर मौसम जीवन में बसंत खिलाती हूँ। थाम कर तेरे प्रीत की सतरंगी चुनर, मैं हर मौसम जीवन में बसंत खिलाती हूँ।
तमन्ना दिल की अब बस है यही, बस दो पल का हो पर तेरा साथ हो। तमन्ना दिल की अब बस है यही, बस दो पल का हो पर तेरा साथ हो।
इन्द्र ने भेजा कामदेव को भंग करने शिव समाधि को। इन्द्र ने भेजा कामदेव को भंग करने शिव समाधि को।
महाशिवरात्रि की रात सजे शिव-मन्दिर, सजे घाट-घाट सभी दोहराएं शिव-बारात। महाशिवरात्रि की रात सजे शिव-मन्दिर, सजे घाट-घाट सभी दोहराएं शिव-बारात।
विधना ने कैसा लिखा, पढ़ न पाये बात वेदना सही माँ ने, पड़ोसन खाये दाल-भात। विधना ने कैसा लिखा, पढ़ न पाये बात वेदना सही माँ ने, पड़ोसन खाये दाल-भात।
जिन्दा रहे ये गणतंत्र मेरा भारत है महान जिन्दा रहे ये गणतंत्र मेरा भारत है महान
उड़ाते थे अक्सर सबकी जो खिल्ली परेशां परेशां उन्हें देखते हैं। उड़ाते थे अक्सर सबकी जो खिल्ली परेशां परेशां उन्हें देखते हैं।
मुझे विश्वास है तुम एक दिन ज़रूर लौटोगे और वह तुम्हारा अंतिम दिन होगा।। मुझे विश्वास है तुम एक दिन ज़रूर लौटोगे और वह तुम्हारा अंतिम दिन होगा।।
वर्ष नव हे! जिन्दगी में फिर नया उल्लास लाना। वर्ष नव हे! जिन्दगी में फिर नया उल्लास लाना।
मणि माणिक मूँगे भर जाती सुबह सुबह जब आती धूप। मणि माणिक मूँगे भर जाती सुबह सुबह जब आती धूप।
एक स्त्री,जो आईने का एक पहलू है जैसे मिट्ठी के कण में मिली बालू हैं। एक स्त्री,जो आईने का एक पहलू है जैसे मिट्ठी के कण में मिली बालू हैं।
छोड़िए क्या अना में रक्खा है। उसने सबको फ़ना में रक्खा है।। छोड़िए क्या अना में रक्खा है। उसने सबको फ़ना में रक्खा है।।
क्योंकि दरवाजे पर सैनिक साजन की आहट सुनी है। क्योंकि दरवाजे पर सैनिक साजन की आहट सुनी है।
जब-जब सुनेंगे आवाज तुम्हारी तब-तब बहुत रूलाओगे। जब-जब सुनेंगे आवाज तुम्हारी तब-तब बहुत रूलाओगे।
उसकी अशोक वाटिका में उत्पात मचाता उद्दंडी वानर एक घुसा। उसकी अशोक वाटिका में उत्पात मचाता उद्दंडी वानर एक घुसा।
मस्ती में बोलो शिव शंकर, बम बम बम बम बम बम बोलो। मस्ती में बोलो शिव शंकर, बम बम बम बम बम बम बोलो।
पानी रिसते छप्पर ही असल घर हुआ करते थे जहां हम रिश्तों को अपनत्व में जिया करते थे। पानी रिसते छप्पर ही असल घर हुआ करते थे जहां हम रिश्तों को अपनत्व में जि...
गौरा ब्याही गई ज़ब शंकर से ; बनी वाग्दत्ता पुलकित हृदय से ! गौरा ब्याही गई ज़ब शंकर से ; बनी वाग्दत्ता पुलकित हृदय से !
कफ़न तो पहना है हमने बस उनकी यादों का सूनी अँखियों के पैमानों का कुछ पता नहीं…? कफ़न तो पहना है हमने बस उनकी यादों का सूनी अँखियों के पैमानों का कुछ पत...
जब हुआ युद्ध का अवसान तब सत्य, धर्म का हुआ उत्थान। जब हुआ युद्ध का अवसान तब सत्य, धर्म का हुआ उत्थान।