STORYMIRROR

Parmanand Nishad Sachin

Tragedy

4  

Parmanand Nishad Sachin

Tragedy

कोरोना को हराना है

कोरोना को हराना है

1 min
452

चीन से आया कोरोना वायरस,

देश भर में फैलने लगी है।

सभी इस वायरस से,

अब घबराने लगे है।

सब लोग सोच रहे है,

कैसे बचे इस वायरस से।

ना देख रहे है लोग,

क्या हानि, क्या लाभ।

ना बनो मांसाहारी,

बुरा वक्त टलने दो।

अब बंद कर दो सब कुछ,

आयेगा ना काम दवा और दुआ।

चारों तरफ से घिरा हुआ है,

पूरा देश कोरोना वायरस से।

इससे बचना मुमकिन है,

बचने का एक ही उपाय,

स्वच्छ रखो अपने आप को।


इस कोरोना वायरस से डरो नहीं,

स्वच्छता इसका इलाज सही।

जब भी खांसों हर इंसान,

मुंह को ढक लो रूमाल से।

घर से बाहर निकलो जब भी,

मास्क लगाकर निकलो जब भी।

जब भी छींक आता है,

रूमाल से ढक लो मुंह को।

संक्रमण बढ़ सकता है,

झुंड न बनाओ इसलिए।

डरना नहीं इस संक्रमण से,

ढक लो मुंह को सही से।


हाथ न मिलाओ किसी से,

नमस्ते करो हर किसी से।

फैल रहा तेजी से वायरस,

विश्व में बड़ी संकट आ गई।

जनता कर्फ्यू है 22 मार्च से,

हर इंसान घर के अंदर है।

हमको करना युद्ध कोरोना से,

अपने जीवन का रक्षा करना है।

कोरोना का लक्षण दिखते ही,

इलाज हमे तुरंत कराना है।

सही समय मे फोन लगाओ,

मदद गाड़ी को पास बुलाओ।

क्षण भर की कठिनाई उठाओ,

अपने कीमती जीवन बचाओ।

कुछ तो तुम बुद्धि लगाओ।

महामारी से छुटकारा पाओ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy