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Preeti Sharma "ASEEM"

Tragedy


3  

Preeti Sharma "ASEEM"

Tragedy


कोरोना की कहानी आओ  सुनाऊँ ..

कोरोना की कहानी आओ  सुनाऊँ ..

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आओ सुनाऊँ ........

तुम्हें कहानी ऐसे महा विनाश की ,

कोई देश तब बच ना सका ,

उस रक्तबीज कोरोना की ऐसी मार थी।


आओ सुनाऊं ......तुम्हें कहानी।

ऐसे महा विनाश की ,

छूने से ही फैल गया ,

एक देश से दूसरे देश गया ।

लाखों को ही मार गया।

 भय का कर ,ऐसा संचार किया।


जीवन पर ऐसा वार किया।

उस रक्तबीज कोरोना ने हर कहीं संहार किया ।

अर्थव्यवस्था पर घात किया ।

धर्म भी ना बच सका इससे,

इंसानियत पर ऐसा आघात किया।


 आओ सुनाऊं .......... तुम्हें कहानी ,

ऐसे महाविनाश की ,कोई देश बच ना सका।

उस रक्तबीज कोरोना की ऐसी मार थी ।

लोगों को घर में बंद किया ।

गरीबों को बेघर किया ।


खड़ी फसल सड़ गई खेतों में,

 मेहनत को ऐसा बेरंग किया ।

आओ सुनाऊं..... तुम्हें कहानी ।

ऐसे महाविनाश की,

कोई देश तब बच ना सका ।

उस रक्तबीज कोरोना की ऐसी मार थी।


 डर कर दुनिया ठिठक गई

 चार -दिवारी में सिमट गई।

 अर्थव्यवस्था की गाड़ी,

 पहियों पर ही जकड़ गई।


 फिर लॉकडाउन और कर्फ्यू का दौर चला।

 हाथ धोयें बार-बार का शोर चला।

 मोदी जी ने मन की बात रखी।

 देश को कोरोना से बचाने की बात रखी ।

 विदेशों में जब,

लोगों ने,

घरों पर रहकर घंटियां बजाई ।

 मोदी जी ने पूरे देश से थालियां पिटवाई।

 बहुत अनोखी बात थी ।



 घर में बंद डरी हुई जनता के लिए

 उमंग की नई बात थी ।

सब ने थालियां बजाई।

 "विकास" लाने से पहले

" कोरोना "आ गया।

 वाह री दुनिया यह वायरस बनाने का,

 क्या......मन में आ गया।


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