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Tripti Dhawan

Drama

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Tripti Dhawan

Drama

कोरोना- खत्म करो ना

कोरोना- खत्म करो ना

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"कोरोना - खत्म करो ना "

घर पर बैठे है हम , जनता कर्फ्यू जारी है

कोरोना का खतरा है, बहुत बड़ी महामारी है

संकट के इस समय मे ,एक ही उपचार प्रभावी है

दुनिया वालों से दूर रहो, नही तो बारी आने वाली है


सोच समझ कर इस निर्णय को, अपने पर भी डालो तुम

जीवन जीना है आगे तो, मौत के पीछे मत भागो तुम

एक नही इस क्रम में सभी हैं, इतना तो अब समझो तुम

अपने, अपनो और सबके खातिर, दूरी सबसे बरतो तुम


बहुत बड़ी दुनिया है अपनी, हम सब भारत वासी है

गांव , शहर, फुटपाथ हो या घर, हर जगह पे संकट भारी है

स्त्री , पुरुष, हिन्दू, मुस्लिम में नहीं देखता फर्क कोई, 

अब बुद्धि खोल कर निर्णय लेना ये अपनी जिम्मेवारी है


जहाँ पर हो तुम वहीं पर ठहरो, छोड़ो बस, ट्रेनों का रेला तुम

ये काल है बेताल के जैसा , विक्रम मत बन जाओ तुम

इसको काँधे पर बैठा कर के घर घर मत पोहचाओ तुम 

कोरोना का रोना छोड़ो, बस जागरूक हो जाओ तुम



हाथ धुला हो, स्वच्छ हो भोजन, घर घर साफ सफाई हो, 

कदम भी ठहरे घर के भीतर ये भी एक लड़ाई हो

कदम रोक कर अगर हमारा, दुनिया पूरी बचती हो

तो ये करने में भी हम सबको कोई नही आपत्ति हो।


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